Todays learning experience July 18 , 2019 मैडम जी, आपने मुझे ब्यूटीफुल कहा ? कुछ सीधी लकीरें आँखों से बहते आंसुओं की , पेशानी पर उभरी लकीरें मेरी ज़िन्दगी की जद्दो जहद की , मेरे होठों के कोरों की बहुत सी लकीरें , जो पेट की भूख ने उकेरी थी , आँखों के नीचे की लकीरें बयां करती हैं उन बारिश की रातों की कहानी जब मेरी झुग्गी पानी- पानी थी, हाँ है कुछ लकीरें ख़ुशी की भी मेरे चेहरे पे जब में अपने हालात पर हंसी थी , झर्रियों से पटा हुआ मेरा ये चेहरा , दिखाता है मेरे पूरे जीवन का सारांश । और मैडम जी आपने मुझे ब्यूटीफुल कहा ?